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ترجمة قصة ( عهد ) للأديب الفلسطيني محمود شقير إلى البلغارية

Обет
Махмуд Шукайр (Палестина)
د. مايا تزينوفا | أكاديمية جامعية
На стената – картина: бутилка и няколко ябълки; в касетофона – песен: Копнея за хляба на мама. А навън – дъжд, който почуква по стъклата на прозорците.
Пред него – чаша вино, в гърдите му прораства една далечна страна: стара стена, умита от дъжда, дървени прозорци кукуват, кубета, минарета, кръстове, бронирана кола минава напряко през улицата, изпод гумите ѝ се разлитат ситни пръски, църковните камбани проехтяват тъжно: неделя е; той се промъква през стъклена врата, отпива латрунско вино и мечтае за бзоблачно небе и улици, чиято безоблачност е непомрачавана от бронирни коли.
Дъждът спря, образът изчезна, той се загледа отново в натюрморта, песента се стопи. Колко далече е той от онази страна! Пресуши чашата с вино на един дъх, излезе на улицата да погледа как водата се разлива като спомените, сетне се приведе към една върба в сърцето и написа върху ствола ѝ обет.
عهد – محمود شقير  | فلسطين
ثمة لوحة على الجدار: زجاجة وبضع حبات من التفاح، وعلى الشريط أغنية: أحن إلى خبز أمي. وفي الخارج مطر ينقر زجاج النوافذ.
أمامه كأس من النبيذ، تنمو في صدره بلاد بعيدة: سور عتيق يغسله المطر، نوافذ خشبية مرنخة، قباب ومآذن وصلبان، تمر مصفحة في عرض الشارع، يتراشق من تحت عجلاتها رذاذ كثيف، تدوي أجراس الكنائس حزينة: إنه يوم الأحد، ينسرب عبر باب زجاجي، يحتسي نبيذ اللطرون، ويحلم بسماء صافية وشوارع لا تعكر صفوها المصفحات.
توقف المطر، غابت الصورة، عاد يحدق في اللوحة الصامتة، ذابت الأغنية. كم هو بعيد عن تلك البلاد! عبّ كأس النبيذ دفعة واحدة، خرج إلى الشارع يرقب اندياح الماء كالذكريات، ثم مال على صفصافة في القلب، وكتب على جذعها عهداً.
أقسم بالله
على الحائط – الصورة: زجاجة وعدة تفاح ؛ في مسجل الشريط – اغنية: اشتاق لخبز امي. وخارج – المطر الذي يطرق نوافذ النوافذ.
امامه – كاس من النبيذ، بلد بعيد ينبت في صدره: جدار قديم، جدار ممطر، نوافذ خشبية، قباب، ماذن، عبور، سيارة مصفحة تجري في الشارع، من تحت اطاراتها، غرامة رمشات، اجراس الكنيسة تجري بحزن: انه يوم الاحد ؛ يتسلل من باب زجاجي ويرشف من النبيذ اللاتروني ويحلم بالسماء المظلمة والشوارع التي لا تتزوج سحابها السيارات المصفحة.
توقف المطر، اختفت الصورة، نظر مرة اخرى الى الانقلاب، ذابت الاغنية. كم هو بعيد عن تلك الدولة! استنزف كاس النبيذ في نفس واحد، وخرج الى الشارع ليرى كيف تسرب المياه مثل الذكريات، ثم اقترب من صفصاف في القلب وكتب على صندوق سيارته.
كل التقدير للأستاذة الجامعية العزيزة مايا تزينوفا
لترجمتها قصصي إلى اللغة البلغارية.
محمود شقير (فلسطين)
عهد
ثمة لوحة على الجدار: زجاجة وبضع حبات من التفاح، وعلى الشريط أغنية: أحن إلى خبز أمي. وفي الخارج مطر ينقر زجاج النوافذ.
أمامه كأس من النبيذ، تنمو في صدره بلاد بعيدة: سور عتيق يغسله المطر، نوافذ خشبية مرنخة، قباب ومآذن وصلبان، تمر مصفحة في عرض الشارع، يتراشق من تحت عجلاتها رذاذ كثيف، تدوي أجراس الكنائس حزينة: إنه يوم الأحد، ينسرب عبر باب زجاجي، يحتسي نبيذ اللطرون، ويحلم بسماء صافية وشوارع لا تعكر صفوها المصفحات.
توقف المطر، غابت الصورة، عاد يحدق في اللوحة الصامتة، ذابت الأغنية. كم هو بعيد عن تلك البلاد! عبّ كأس النبيذ دفعة واحدة، خرج إلى الشارع يرقب اندياح الماء كالذكريات، ثم مال على صفصافة في القلب، وكتب على جذعها عهداً.

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